क्या सास और बिन व्याही ननद भी बहू पर घरेलू हिंसा का केस कर सकती है क्या है कानूनी अधिकार जाने एडवोकेट राजीव शुक्ला के साथ

ख़बर जनसमस्या

 

हम सोचते है कि घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 सिर्फ बहू के लिए ही बना है तथा वहीं घर के बाकी सदस्यों पर केस कर सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है सास और विन ब्याही ननद भी बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा अधिनयम के तहत केस कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट की एक जजमेंट के अनुसार घरेलू हिंसा अधिनियम सभी महिलाओं के लिए बना है । इसमें वे महिलाएं भी शामिल है जो कि उस घर में रहती है वो उस घर में रहने वाले बाकी सदस्यों जो कि पुरुष या स्त्री हो सकते है के खिलाफ केस कर सकती है। ये प्रावधान पहले नहीं था पर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसको मान लिया कि परिवार में रहने वाली प्रत्येक महिला को घरेलू हिंसा का अधिकार प्राप्त है। वो महिला बहू के अलावा सास, बिन ब्याही ननद भी हो सकती है। इस अधिनियम के तहत सास भी अपनी बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा में केस कर सकती है वो इसमें अपनी बहू को सजा भी करवा सकती है अगर इस केस में सास के नाम मकान है तो वह अपनी बहू को कोर्ट के आदेश से उस घर को ख़ाली भी करवा सकती है सास चाहे तो अपने बेटे व उसके बच्चो के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करवा सकती है

*कोर्ट में केस कैसे करे*

1= अपनी शिकायत साफ स्पष्ट और सीधे रूप में लिखे तथा घटनाओं का जिक्र एकरूपता में हो।

2=आप अपनी शिकायत धारा 12 के अन्तर्गत करे तथा कोर्ट से और भी रिलीफ लेने के लिए वाकी धाराओं का भी उपयोग करे जैसे कि धारा 19 के तहत सास व ननद घर में अपने अधिकार की मांग कर सकती है तथा बहू को घर से निकालने के लिए सास धारा 19(१)(ए,) के तहत बहू को घर से बाहर निकालने का अधिकार भी कोर्ट से मांग सकती है।

3= अगर कोई मारपीट सास व ननद के साथ हुई है तो उसकी मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में लगाए

4= इसके अलावा कोई और सबूत जैसे कि कोई ऑडियो,वीडियो रिकॉर्डिंग हो तो उसको भी सलग्न करे

5= घटना का कोई चश्मदीद गवाह हो तो आप उसकी गवाही करवा सकते हो

*शेष अगले आर्टिकल में*


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