ममता सरकार की सलाह, न खाएं कच्ची लीची

पश्चिम बंगाल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सरकार ने कल मालदा जिले में कथित तौर पर लीची खाने से 7 बच्चों की मौत के बाद लोगों को यह सलाह दी है कि वे कच्ची लीची न खाएं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में वक्तव्य देते हुए इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।

उन्होंने हालांकि दावा किया कि जिस अस्पताल में बच्चों की मौत हुई, वहां किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। उन्होंने कहा, अधिकांश बच्चे बेहद गंभीर स्थिति में लाए गए थे। उनके उपचार के दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती गई। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसीन की टीमों ने अस्पताल का दौरा किया और नमूनों को एकत्रित किया। 

भट्टाचार्य ने मीडिया से कहा, लगता है कि सभी मौतों का कारण कच्ची लीचियों में मौजूद जहर है। पकी लीचियों में यह जहर नहीं पाया गया है। मैंने लोगों से अपील की है कि वे कच्ची लीची न खाएं। खासकर बच्चों को कच्ची लीची नहीं दी जानी चाहिए। 

भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह की मौतें पहले वाम शासनकाल में भी हुई थी। उन्होंने कहा, इस तरह का वाकया बिहार के मुजफ्फरपुर में भी देखा गया है, जहां लीची बहुतायत में उगाया जाता है। 


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