पढ़ें: आखिर क्यों पड़ी थी नरेंद्र मोदी-संजय जोशी के रिश्ते में दरार, विवाद की इनसाइड स्टोरी

गुजरात

नई दिल्ली। दिल्ली में एक बार फिर संजय जोशी के समर्थन में लगे पोस्टर से बवाल मच गया है, इस पोस्टर के जरिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा गया है। पोस्टर में लिखा है- पाकिस्तान और बांग्लादेश को देते हो रमजान की बधाई सुषमा, आडवाणी, संजय जोशी ,राजनाथ, गडकरी, मुरली मनोहर जोशी, वसुंधरा के लिए मन में है खटाई। वैसे संजय जोशी के समर्थन में लगा ये पोस्टर कोई पहली बार नहीं लगा है, इससे पहले भी संजय जोशी के जन्मदिन पर पोस्टर लगाकर पीएम मोदी पर निशाना साधा गया था। आखिर मोदी और संजय जोशी के बीच इस विवाद की वजह क्या है। पढ़ें-एक ही पार्टी के दो कद्दावर नेताओं के रिश्ते में क्यों आई इतनी खटास-

कौन हैं संजय जोशी
पेशे से इंजीनियर संजय जोशी एक जमाने में इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाते थे, बाद में वो आरएसएस से जुड़े। संजय जोशी सबसे पहली बार सुर्खियों में आए 1988 में जब आरएसएस ने उन्हें गुजरात बीजेपी ईकाई में काम करने के लिए भेजा, उस वक्त नरेंद्र मोदी पहले से ही वहां काम कर रहे थे। मोदी को गुजरात बीजेपी का महासचिव नियुक्त किया गया था वहीं संजय जोशी को प्रभारी के तौर पर गुजरात में काम करने के लिए भेजा गया था। जोशी करीब तेरह साल तक गुजरात में रहे और बीजेपी के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक माने जाते थे।


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