धर्मान्तरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाए झारखंड सरकारः भाजपा

झारखण्ड

प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा ने धर्मान्तरण को बड़ा मुद्दा बनाते हुए एक बड़ा पासा फेंका. रविवार को पलामू के मेदिनी नगर में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में राज्य सरकार से सीधे मांग की गई कि आदिवासियों का धर्मांतरण रोकने के लिए विधानसभा में विधेयक लाया जाए.

धर्मान्तरण मुख्य एजेंडा

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने धर्मांतरण रोकने के लिए विधेयक लाने की मांग उठाई. देखते ही देखते यह कार्यसमिति बैठक का मुख्य एजेंडा हो गया. मांग की गई कि यह विधेयक मानसून सत्र के दौरान ही पेश किया जाए. इस बाबत भाजपा एसटी मोर्चा ने पहले भी दबाव बनाया था. इस कार्ड के जरिए भाजपा बड़े आदिवासी वोट बैंक में सेंधमारी करने में भी सफल होगी.

दरअसल आदिवासियों का एक बड़ा तबका ईसाई मिशनरियों का  विरोध करता है. इसकी वजह मिशनरियों का अनावश्यक अडंगा भी है. राज्य का सरना आदिवासी समाज धर्मान्तरण के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहा है.

कमजोर विस क्षेत्रों पर होगा जोर

बैठक में निर्णय लिया गया कि संगठन की दृष्टि से अपेक्षाकृत कमजोर माने जाने वाले विधानसभा क्षेत्रों पर भाजपा का विशेष जोर होगा. यहां कार्यकर्ताओं को खास तौर पर लगाया गया जो एक निश्चित वक्त इन विधानसभा क्षेत्रों मे देंगे. ऐसे कुल 38 विधानसभा क्षेत्र हैं. बैठक में मिशन 2019 के लिए राज्य की साठ विधानसभा सीटें जीतने और सभी लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया गया.

एमपी-एमएलए से मिलेंगे सीएम-मंत्री

निर्णय लिया गया कि सत्ता व संगठन के बीच सरकार को ऑर्डिनेट सरकार करेगी. इस कड़ी में मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के मंत्री सप्ताह में एक दिन भाजपा के सांसदों और विधायकों से मिलेंगे. जबकि जिला व मंडल के अध्यक्षों से मंत्री प्रदेश कार्यालय में मुलाकात करेंगे. नियमित मुलाकातों का यह सिलसिला लगातार चलेगा.

सरकार के काम की सराहना

प्रदेश कार्यसमिति ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में चल रहे सरकार के कामकाज पर मुहर लगाई. बैठक में 13 बिंदुओं पर सरकार के काम की सराहना की गई. इनमें गंगा पर पुल, नक्सलवाद, कौशल विकास, मोमेंटम झारखंड, शिक्षा, स्वास्थ्य, बजट, कृषि, गरीबों के लिए योजना आदि शामिल है. वहीं झामुमो की आलोचना करते हुए उसे अपरिपक्व विपक्ष करार दिया.


Comment






Total No. of Comments: